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भारत में Privatization क्यों जरुरी है?

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भारत में Privatization क्यों जरुरी है? इस पर अगर हम बात करें तो कई मुख्या बिंदु सामने निकलकर आते है जिनके बारे में हम विस्तार से बात कर सकते है।

अगर हम बात करें की भारत में सब कुछ निजीकरण हो रहा है, जैसे रेल विभाग, और हवाई अड्डे आदि। सभी निजी कम्पनियो को बेच दिए जा रहे है.

Privatization

यह सब हमें समझना होगा – आज के समय में बढ़ती हुई जनसंख्या के साथ हर व्यक्ति को सरकारी नौकरी दे पाना बहुत ही मुश्किल है। आज अगर हम सरकारी नौकरी के बारे में बात भी करे तो एक समस्या या Gen. OBC के छात्रों के लिए आरक्षण एक बड़ी विपदा है।

इसको सीधे तरीके से ख़तम नहीं किया जा सकता है और अगर इसको सीधे तरीके से ख़तम करते है तो देश में गृहयुध की सम्भावना भी बन सकती है। तो Privatization इसका एक बहुत अच्छा हल हो सकता है। इसके कारन केवल योग्यता ही आगे जाएगी और अयोग्य अपने आप फिलटर हो जायेंगे।

अगर हम दूसरे कारन की बात करें तो इस बढ़ती जनसंख्या में सभी को सरकारी नौकरी देना संभव नहीं है और सरकारी नौकरी में ज्यादातर एक व्यक्ति का काम 4 लोग करते है तो ऐसे देश का विकास भी नहीं हो सकता है।

देश के विकास की बात आ ही गई है तो हम विकास की बात करते है, आज के समय में भारत उद्योगों की तरफ बढ़ रहा है, और हमारे देश के प्रधानमंत्री जी भी आत्मनिर्भर भारत के बारे में लोगो को जागरूक कर रहे है।

  • बहुतायत खिलोने भारत में चीन से आते है।
  • डिजिटल मीडिया पर चीन और अमेरिका का ज्यादा कब्ज़ा है।
  • ज्यादातर मोबाइल Apps चीन से है।
  • ज्यादातर मोबाइल और कंप्यूटर Games भी चीन से है।
  • ज्यादातर मोबाइल कम्पनिया भी चीन से है।
  • ज्यादातर कम्पनिया भी चीन में में अपनी Branches खोलती है। और वहां रोजगार बढ़ता है।

भारत में अगर private कम्पनिया आती है तो लोगो को और रोजगार मिलेगा और इससे देश का भी विकास होगा। और एक से ज्यादा Private कम्पनिया आने पर उनमे compitition बढ़ेगा और आम आदमी को अच्छी सुविधाएं अच्छी कीमत पर मिलेगी।

अगर भारत का युवा इस Privatization को अच्छे से समझकर आगे बढ़ता है तो उसके लिए बहुत से रस्ते खुल जाते है। मेरे पास सरकारी नौकरी पाकर सफल व्यक्तियों से ज्यादा private नौकरी या आत्मनिर्भर भारतीयों के ज्यादा उदहारण है।

इसका मतलब यह नहीं है की सरकारी विभाग ख़तम हो जाना चाहिए जैसे की शिक्षा, सुरक्षा, न्यायलय, व्यवस्थापिका, कार्यपालिका, पुलिस, सेना, आदि विभाग सरकारी रहे तो सरकार का भी ध्यान इनपर रहेगा और काम अच्छे तरीके से होगा।

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