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Dalit Samaj History

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Dalit Samaj History

अगर आप Dalit Samaj History के बारे में जानना चाहते हैं तो आप यहां बिल्कुल सही आए हैं आपको यहां पर आज दलित समाज की हिस्ट्री के बारे में पूरा ज्ञान मिलेगा और शुरू से लेकर आखिर तक अर्थात आज तक दलित समाज की क्या स्थिति और क्या इतिहास रहा है इसके बारे में हम चर्चा करेंगे।

आप सभी अब इस पोस्ट को ध्यान से पढ़िए क्योंकि अब हम इस पोस्ट में दलित समाज के इतिहास के बारे में चर्चा करने वाले हैं हम दलित समाज के इतिहास के बारे में जोड़ी बहुत ही संघ इन बातों के बारे में बात करेंगे और उन पर से पर्दा उठाएंगे।

Dalit Samaj History

Image Credit – SatyaGarah Website

Dalit Samaj History

हमारे देश में दलित समाज पर बहुत सारे अत्याचार हुए हैं उन्हें बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है उन्हें बहुत सारी पीड़ा झेलनी पड़ी है पिछले कुछ वर्षों में यह भेदभाव और कठिनाइयां कम हुई है लेकिन बहुत समय से दलित समाज को बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था हमारे देश में जातिगत भेदभाव बहुत ही ज्यादा होता था।

लेकिन अब जैसे-जैसे शिक्षा बढ़ रही है तो जातिगत भेदभाव समाप्त होता जा रहा है यह जातिगत भेदभाव पहले शिक्षा के कारण होता था या यूं कहें शिक्षा के अभाव के कारण जातिगत भेदभाव पहले बहुत ज्यादा था और अभी धीरे धीरे कम हो रहा है।

जब भारतवर्ष में मुस्लिम राजाओं का शासन था तब ज्यादा भेदभाव आदि नहीं था लेकिन मुस्लिम राजाओं ने भारत के सभी हिंदुओं को जिनमें मुख्य रुप से पंडित राजपूत और कुछ अन्य जातियों के भी लोग थे उन्हें बंदी बनाकर जेल में डाल दिया और उन्हें धर्म परिवर्तन करने के लिए प्रताड़ना दी गई बहुत से लोगों ने इस प्रताड़ना को सहन किया और बहुत से लोगों ने इस प्रताड़ना को सहन न करते हुए अपना धर्म परिवर्तन कर लिया।

इसी प्रकार हमें पता चलता है कि भारत के इतिहास में सबसे ज्यादा बुराइयां मुस्लिम शासकों में ही थी जिन्होंने बाहर से आकर भारत की अखंडता और प्रभुता को नष्ट कर दिया लेकिन आज के कुछ लोग अभी भी इन मुस्लिम शासकों की प्रशंसा करते नहीं थकते उन लोगों को शर्म आनी चाहिए।

यहां तक कि हमारे स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली किताबें भी इन मुस्लिम शासकों की प्रशंसा से भरी पड़ी है समय के साथ साथ यही चला आ रहा है इतिहास में इन मुस्लिम शासकों के बारे में जो सच्चाई दी गई है वह सच्चाई हमें स्कूल की किताबों में देखने को नहीं मिलती।

आप स्कूल की कोई भी इतिहास की किताब उठाकर देखें तो उसमें आपको देखने को मिलेगा की औरंगजेब एक बहुत ही धार्मिक व्यक्ति था उसने बहुत सारे मंदिर बनवाए और बहुत सारे मंदिरों का पुनर्निर्माण करवाया लेकिन सही इतिहास में अगर आप औरंगजेब को पढ़ेंगे तो वह कुछ और था

अगर हम फिर से Dalit Samaj History की तरफ आए तो हमें पता चलता है कि दलित समाज को धर्म परिवर्तन कराने के लिए मुस्लिम राजाओं ने बहुत सी प्रताड़ना दी और यहां तक कि उनकी चमड़ी को भी नोच लिया गया और उन्होंने ऐसी ही कई प्रधान ने दी जिनमें उनके घर की महिलाओं को जबरदस्ती गलत कामों में डाला गया।

इन प्रताड़ना से डरते हुए बहुत से लोग मुस्लिम बन गए लेकिन आज के समय में जो लोग दलित हैं उन लोगों ने उन कायरों की प्रताड़ना उसे डरते हुए धर्म परिवर्तन नहीं किया और समय के धर्म को सबसे ऊपर रखा हमें इनका सम्मान करना चाहिए ना कि इन्हें समाज से अलग समझना चाहिए।

पूरे हिंदू धर्म की एक महत्वपूर्ण कड़ी है दलित समाज अगर हम दलित समाज को अलग कर देंगे और इसे अपना हिस्सा नहीं मानेंगे तो हम भी ज्यादा समय तक नहीं बच सकते जैसे बिना पांव कोई भी व्यक्ति चल नहीं सकता उसी प्रकार हिंदू धर्म भी दलित समाज के बिना नहीं टिक सकता।

Bishnoi Samaj का इतिहास

आज भी बहुत सारे लोग दलितों को भड़काने में लगे हैं और उन्हें हिंदू धर्म के खिलाफ करने लगे हैं जिससे कि इनमें आपस में लड़ाई हो और फायदा उठाएं आपको इन सभी चला क्यों को समझना होगा और अपने समाज के लिए कार्य करना होगा अपने धर्म के लिए कार्य करना होगा अगर आप इन सभी चीजों को समझेंगे और अपने स्वविवेक का इस्तेमाल करेंगे तो आप उन्हें जो हमें तोड़ने में लगे हैं उन्हें मुंहतोड़ जवाब दे पाएंगे।

IndianMic एक News Website है जहा पर आपको हर प्रकार की न्यूज़ मिलेगी जैसे कि Online Activities, Gaming, Social Media, Bollywood, Festivals, किसान और भारत में हर प्रकार की घटनाओ की न्यूज़ आपको बहुत ही जल्दी और पुरे सच के साथ बिना किसी Judgement के मिलेगी।

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डॉक्टर की लापरवाही,चली गई नवजात की जान……

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डॉक्टर की लापरवाही,चली गई नवजात की जान

डॉक्टर को पृथ्वी पर भगवान का रूप माना जाता है क्योंकि एक डॉक्टर ही है जो विकारों को समझ कर उनसे मुक्ति दिलाता है परंतु कभी-कभी छोटी-छोटी लापरवाहियां बड़ी वारदात की वजह बन जाती है और पूरी डॉक्टर टीम कटघरे में खड़ी हो जाती है।
ऐसी ही कुछ खबर उत्तर प्रदेश के संभलपुरु से है जहां पर डॉक्टर की लापरवाही के चलते एक नवजात शिशु की जान चली गई।

भाग गया स्टॉफ ……… मौके पर पहुंची पुलिस….

उत्तर प्रदेश के संबलपुर जिले में बहजोई क्षेत्र से आ रही खबर के अनुसार वहां पर एक नवजात शिशु की मौत हो जाने से हंगामा हो गया।
आपको बता दें कि चितनपुर निवासी नवाब अली को उनकी पत्नी यासमीन से एक पुत्र का जन्म हुआ, जिसे कुछ समस्याओं के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था परंतु इलाज के दौरान उस शिशु की मृत्यु हो गई जिससे अस्पताल परिसर में हंगामा हो गया और अस्पताल का स्टाफ अस्पताल छोड़कर भाग गया।
बताया जा रहा है कि मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराया है इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नर्सिंग होम को सील कर दिया है।

प्रति मिनट होती है एक नवजात की मौत……

आंकड़े के मुताबिक भारत में प्रतिवर्ष लगभग 5 मिलियन नवजात शिशु घर पर जन्म लेते हैं घर में सुविधाएं न होने से प्रायः कभी मां तो कभी बच्चे की मौत हो जाती थी परंतु स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार सुधार की वजह से यह आंकड़ा अब कम हुआ है फिर भी अभी प्रति मिनट एक नवजात शिशु की मृत्यु हो जा रही है।

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Crime

दोहरे हत्याकांड से दहल उठा ब्रह्मपुरी, आखिर किसने की इतनी बेरहमी से हत्या

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दोहरे हत्याकांड से दहल उठा ब्रह्मपुरी

हर एक दिन कोई ना कोई खबर रिश्तो के कत्ल से संबंधित होती है जो व्यक्ति के मानसिक कुरूपता को दर्शाता है कुछ ऐसी ही घटना मेरठ से निकल कर सामने आ रही है जहां के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के सिटी कॉलोनी देर रात दो हत्याओं से दहल उठी इसकी सूचना जब आसपास के लोगों को लगी तो हड़कंप मच गया दृश्य में कॉलोनी निवासी आभास हुआ उसकी पत्नी जुबेदा का शव खून से लथपथ जमीन पर पड़ा हुआ पाया गया तो वही उसका एक मासूम बच्चा एक तरफ कोने में सिसक रहा था।

आखिर किसने की इतनी बेरहमी से हत्या

आपको बता दें कि दोहरे कांड की सूचना मिलते ही पुलिस मौके वारदात में पहुंची तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया पुलिस ने जांच पड़ताल करने के बाद बताया कि हत्या के आरोपी युवक के आबाद की पत्नी जुबेदा के साथ प्रेम संबंध में था इतना ही नहीं जुबेदा उसे अपना मुंह बोला भाई बताते थे घटना की शाम वह जुबेदा के घर में ही था देर रात ही उसने पति और पत्नी की चाकू से हमला कर हत्या कर डाली वारदात को अंजाम देकर वह फरार हो गया है पुलिस तलाश में जुट गई है और जल्द ही गिरफ्तार करने का आश्वाशन दिया है।

अनाथ हो गया मासूम

आपको बता दें कि जिस समय आरोपी ने पत्नी और पति की हत्या की उस समय उसका बच्चा भी वहीं था लेकिन वह किसी तरह बच निकला इस घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी प्रभाकर चौधरी एसपी सिटी वाइज पीसीयू ब्रह्मपुरी व पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे पुलिस ने बताया कि मासूम बच्चा सुरक्षित है और अपराधी समीर कंकर खेड़ा का रहने वाला है को पकड़ने के लिए टीम को लगा दिया गया है।

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आनंद गिरि, महंत नरेंद्र गिरि की हत्या पर हरिद्वार से गिरफ्तार….?

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आनंद गिरि महंत नरेंद्र गिरि की हत्या पर हरिद्वार से गिरफ्तार

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं श्री मठ बाघम्बरी के महंत नरेंद्र गिरी का असमय मृत्यु एक तरफ तो संतो को शोक संलिप्त करने वाली है तो दूसरी तरफ यह शासन प्रशासन के लिए एक पहेली है कि एक वैश्विक हस्ती इतना कमजोर कैसे हो सकती है कि उसे फांसी पर झूलना पड़ जाए?
और यही वजह है कि कोई भी व्यक्ति या नरेंद्र गिरी को जानने वाला उनका करीबी यह मानने को तैयार ही नहीं है कि, नरेंद्र गिरी ने आत्महत्या की है सभी इसे अलग-अलग नजर से देखते हुए हत्या ही बता रहे हैं, भले में खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

आनंद गिरि ने करवाई अपने गुरु की हत्या…..?

बहुत से लोग इस बात के पक्षधर है कि हो न हो नरेंद्र गिरी की हत्या उनके अपने शिष्य आनंद गिरि का हाथ है।
यद्यपि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि इसे हत्या कहा जाए या आत्महत्या, परंतु लोगों का नजरिया इसे हत्या ही मानता है और इसका दोषा रोपण सीधे-सीधे नरेंद्र गिरी के शिष्य आनंद गिरि पर किया जा रहा है।
लोगों का मानना है कि नरेंद्र गिरी और आनंद गिरी के बीच पिछले लंबे समय से काफी गहरी तकरार थी और वही तकरार इस प्रकरण की वजह बनी परंतु यह सब लोगों की अपनी अपनी धारणाएं हैं। प्रशासन ने कोई भी पुष्टि करने के लिए समय मांगा है और जांच प्रक्रिया जा रही है।
ऐसे में सवाल उठना लाज़मी है कि क्या वास्तव में आनंद गिरी ऐसा कर सकते हैं।

क्या था विवाद…….?

कुछ समय पूर्व आनंद गिरी उस समय चर्चित हुए थे जब इन्हें श्री मठ बाघम्बरी से निष्कासित कर दिया गया था।
ज्ञात हो कि इन पर मठ की संपत्ति का अपने परिवारजनों के हित में प्रयोग करने का आरोप था।
मठ से निष्कासित होने के बाद आनंद गिरि ने नरेंद्र गिरी पर भी संपत्ति दुरुपयोग और कई संतों की हत्या का आरोप लगाया था उसके बाद एक दिन अचानक से यह विवाद शांत हो गया जब आनंद गिरि ने नरेंद्र गिरी के पैर छूकर उनसे माफी मांगी।
परंतु माना जा रहा है कि यह सब सिर्फ एक दिखावा था।

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