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Amul And PeTA Controversy Hindi

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Amul And PeTA Controversy Hindi

हर जगह पर PeTA अपने फालतू के लॉजिक देता रहता है और हर जगह से अपनी बेजती करवाता रहता है इसी बीच अबकी बार PeTA ने अमूल से पंगा ले लिया।

Amul ke MD RS सोढ़ी को PeTA ने ने कहा कि आपको काहे का दूध नहीं बल्कि वनस्पति दूध जैसे सोयाबीन आदि का दूध बेचना चाहिए इससे बहुत सारे फायदे होंगे और वहीं उन्होंने गाय के दूध को कुछ गलत तरीके से प्रदर्शित किया।

इस सब को ध्यान में रखते हुए अमूल के md आर एस सोढ़ी ने पेटा को बहुत ही गंदी तरह से लताड़ा।

अगर आप PeTA और इस कॉन्ट्रोवर्सी के बारे में ज्यादा जानना चाहते हैं तो इस वीडियो को देख सकते हैं।

यहां पर जो भी जानकारी दी गई है वह इस वीडियो के माध्यम से ही ली गई है इसका इस वेबसाइट से कोई भी तालुकात नहीं है।

भारत में जानवरों के हितों की रक्षा के लिए एक संस्था है जिसका नाम है PeTA यह संस्था सिर्फ कहने के लिए ही जानवरों के हितों की रक्षा करती है।

असलियत में PeTA संस्था का काम भारत में हो रहे सभी त्योहारों और स्वदेशी कंपनियों पर झूठा लांछन लगाना है मैंने अपने जीवन में बहुत सी ऐसी संस्थाएं देखी जो किसी चीज की आड़ लेकर किसी धर्म विशेष या देश विशेष को टारगेट करती है।

उसी रूप में हमारे सामने PeTA भी एक उदाहरण है कहने को तो यह जानवरों के हितों की रक्षा करने वाली एक संस्था है लेकिन इस संस्था को सिर्फ अपने एजेंडा साबित करने के लिए ही कुछ लोग चला रहे हैं इसमें अगर हम सबसे मुख्य बात करें तो जब रक्षाबंधन का त्यौहार आता है तो यह कहते हैं कि चमड़े से बनी राखी ने पहने लेकिन अब इन्हें कौन बताए कि राखी कवि चमड़े से नहीं बनती वह रेशम के धागों से बनती है।

जब होली का त्यौहार आता है तो पेटा संस्था कहती है कि जानवरों पर रंग ना डालें इससे उनके स्किंस खराब होती हैं लेकिन अभी नहीं कौन बताए कि जानवरों पर रंग कौन लगाता है कुछ जख्म पर ऐसे शरारती तत्व हो सकते हैं लेकिन उसकी वजह से पूरे त्यौहार को बदनाम नहीं किया जा सकता।

लेकिन उसी स्थान पर जब ईद आती है तब पता नहीं PeTA क्यों नहीं बोलता क्योंकि उस समय लाखों-करोड़ों बकरों को काटा जाता है और उनके खून से पूरी सड़कें नालियां भर जाती है लेकिन फिर भी ना जाने क्यों बेटा कुछ नहीं बोलती।

हमारे गुप्त सूत्रों से पता चला है कि PeTA बकरों को जानवरों में नहीं मानते वह बकरों को अलग ही प्राणी मानते हैं इसीलिए वह बकरों की बलि पर कुछ नहीं बोलते।

जब mene PeTA के बारे में ज्यादा रिसर्च की तो मुझे पता चला की PeTA सिर्फ धर्म विशेष और देश विशेष को टारगेट करने के लिए ही काम करती है यह किसी पर भी प्रकार के जानवरों के हितों से इसका कोई लेना देना नहीं है। ये सिर्फ अपने हित सिद्ध करने में लगी है।

IndianMic एक News Website है जहा पर आपको हर प्रकार की न्यूज़ मिलेगी जैसे कि Online Activities, Gaming, Social Media, Bollywood, Festivals, किसान और भारत में हर प्रकार की घटनाओ की न्यूज़ आपको बहुत ही जल्दी और पुरे सच के साथ बिना किसी Judgement के मिलेगी।

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Baba Ramdev on Allopathy (Hindi)

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Baba Ramdev ने Allopathy की दवाई पर बड़ा निशाना साधते हुए कहा कि Allopathy की कोरोना के दो-दो डोस लेने के बाद भी 1000 से ज्यादा डॉक्टर की मौत हो चुकी है।

बाबा रामदेव का कहना है कि Allopathy की दवा बिल्कुल भी सही नहीं है यह अंधेरे में लाठी चलाने की तरह काम कर रही है।

कुछ हद तक अगर हम बाबा रामदेव की बातों पर ध्यान दें तो वह हमेशा सही लग रही हैं क्योंकि कोरोना से लड़ने के लिए कोरोना मरीजों को भारी मात्रा में Steroids दिए जा रहे हैं और जिसकी वजह से ब्लैक फंगस और वाइट फंगस जैसी बहुत बड़ी-बड़ी समस्याएं आ रही हैं ऐसा नहीं है कि ब्लैक फंगस पहली बार सामने आया है यह पहले भी आ चुका है लेकिन अब कोरोना के कारण कोरोना पेशेंट को बहुत ज्यादा मात्रा में Steroids देने के कारण ही ब्लैक फंगस कोरोना पेशेंट या यूं कहें कि कोरोना से सही हो चुके मरीजों में फेर रहा है।

आज डॉ राजन शर्मा और रामदेव बाबा के बीच में बहुत ही लंबी वार्ता इंडिया टुडे के चैनल पर चली और उसमें हमें बहुत कुछ बाबा की तरफ से और बहुत कुछ डॉ राजेंद्र शर्मा की तरफ से भी सुनने को मिला।

कोरोना के समय जो भयंकर स्थिति थी उसको एक समय के लिए Allopathy ने ही संभाला इसको हम कभी भी नकार नहीं सकते लेकिन अगर हम एक भारतीय व्यक्ति की तरह सोचे तो हमारे वेद तथा आयुर्वेद से हर चीज का इलाज हो सकता है आज के समय में मैं ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक भी है मानते हैं कि कैंसर का इलाज Allopathy से नहीं हो सकता लेकिन आयुर्वेद से हो सकता है तो हम किसी भी मायने में आयुर्वेद को कम नहीं मान सकते।

जब स्थिति ज्यादा गंभीर हो रही हो और जल्दी से जल्दी इसका कोई इलाज ना हो तो एलोपैथी एक बहुत ही अच्छा रास्ता है लेकिन उसको सही तरीके से खत्म करने का औजार हमें आयुर्वेद ही दे सकता है क्योंकि आयुर्वेद मैं हर उस रोग का इलाज है जो मनुष्य को हुआ है या हो सकता है।

जब हमारे शरीर में किसी प्रकार का रोगाणु या रोग उत्पन्न होता है तो हम कुछ घरेलू चीजों जैसे काढ़ा पीना और गिलोय तुलसी आदि का रस पीना शुरू कर देते हैं और उनसे 1 से 2 दिनों के भीतर ही हमारे शरीर में उन रोगाणुओं का नाश हो जाता है।

Baba Ramdev और उनके द्वारा कही गई Allopathy के बारे में कई बातें निंदनीय है लेकिन सिर्फ उनके एक इस बात के कारण उनके हर उस अच्छे कार्य को बुरा नहीं बताया जा सकता जो उन्होंने समाज के लिए किया है और योग के लिए किया है।

जब पूरा भारत वर्ष योग को भूल चुका था तब बाबा रामदेव ने संपूर्ण भारत वासियों के मन में योग के लिए दोबारा जगह बनाई और बहुत सारी ऐसी बीमारियों को योग से ही सही कर कर दिखाया।

ज्यादातर यही चीजें हैं जिनकी वजह से एलोपैथी से आज भारतवासियों का विश्वास उठता जा रहा है।

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हम कुछ ऐसी चीजों को भी इस समय देख रहे हैं कि Remdesivir जैसे इंजेक्शन और ऑक्सीजन की कालाबाजारी हो रही है, अस्पतालों में बहुत ही बड़ी मात्रा में कोरोना मरीजों की मृत्यु हो रही है इसके साथ-साथ सबसे दुखद घटना तो यह है कि कोरोना मृतकों के शव उनके घर वालों को तब तक नहीं दिए जा रहे तब तक वह हॉस्पिटल की fees ना भर दे।

बहुत सारे ऐसे डॉक्टर भी हैं जिन्होंने इस कोरोना काल को एक बड़ी बिजनेस अपॉर्चुनिटी की तरह देखना शुरू कर दिया है वह कोरोना काल में लोगों की मदद करने की बजाय सिर्फ पैसा कमाने की तरफ ध्यान दे रहे हैं।

IMA के अध्यक्ष DR. J.A. JAYALAL का मैंने आज एक बयान सुना था जिसमें वह कह रहे थे कि कोरोना को जीसस क्राइस्ट ने भेजा है और वही इसे सही कर रहे हैं इस बात पर मैं अपनी हंसी बहुत देर तक नहीं रोक पाया और सोचता रहा कि एक इतना बड़ा डॉक्टर भी ऐसे बयान दे रहा है तो IMA के बारे में मुझे क्या सोचना चाहिए।

फिर कुछ और खबरें देखने के बाद मुझे धीरे-धीरे समझ आने लगा कि बहुत सारे ऐसे डॉक्टर जो कोरोना और इस बुरे समय की आड़ में बहुत ही घटिया स्तर पर गिरकर अपना धर्म प्रचार कर रहे हैं जिनमें IMA का अध्यक्ष DR. J.A. JAYALAL भी शामिल है।

ऐसे बयान देने के बाद यह लोग बाबा रामदेव के ऊपर आरोप लगाते हैं कि आप एलोपैथी को मान नहीं रहे लेकिन जब हम थोड़ा ध्यान से देखें तो इनके डॉक्टर को ही यह लगता है कि एलोपैथी नहीं बल्कि जीसस क्राइस्ट कोरोना मरीजों को सही कर रहे हैं।

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Congress Toolkit Controversy

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congress toolkit

हाल ही में कुछ ही दिन पहले Congress की एक Toolkit leak हो गई जिस Toolkit में हिंदू धर्म और बीजेपी पार्टी को Target किया गया था।

हालांकि Toolkit कह रही है कि यह Toolkit उनकी नहीं है यह कांग्रेस को बदनाम करने के लिए बनाई गई है।

जिस प्रकार यह Toolkit बीजेपी के कुछ बड़े नेताओं ने सामने लाई है तो उससे यही लगता है कि यह कॉन्ग्रेस की नहीं हो सकती लेकिन फिर जब हम कांग्रेस के पीछे के कुछ कार्यों और उनके कुछ चीजों पर ध्यान दें तो हमें लगता है कि कांग्रेस वह सारे काम कर रही है जो इस टूल किट में दिए गए हैं।

Congress party कि इस टूल किट में बहुत सारी ऐसी चीजें दी हुई है जो बीजेपी पार्टी के साथ-साथ हिंदू धर्म को Defame करती है या यूं कहें कि सीधा-सीधा हिंदू धर्म को टारगेट करती है।

इस Toolkit के आधार पर ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस पार्टी अपना Agenda साबित करने के लिए किसी भी स्तर तक गिर सकती है।

अगर हम इस Toolkit में दिए गए कुछ बिंदुओं को ध्यान से पढ़ें तो उनमें एक मुख्य बिंदु यह है कि कोरोना वायरस का पूरा इल्जाम हिंदू पर अब कुंभ पर लगाया जाना चाहिए और इसके बीच ईद पर हुई भीड़ भाड़, और 4 महीने तक दिल्ली के बाहर बैठे रहे लाखों किसानों के बारे में कोई भी बात नहीं करेगा क्योंकि उन्हें कांग्रेस पार्टी खुद समर्थन कर रही है।

इस बिंदु के अंदर सीधा-सीधा कुंभ को Target किया गया है या यूं कहें कि एक हिंदू धर्म को Target किया गया है।

यहां से पता चलता है कि कांग्रेस पार्टी धर्म के आधार पर राजनीति कर रही है जो कि बहुत ही गिरी हुई हरकत है।

इसके अंदर एक बिंदु कह दिया क्या है कि अगर कोरोना वायरस से पीड़ित किसी मरीज को Bad नहीं मिल रहा है और वह किसी युवा कांग्रेस समर्थक को Tag करके Tweet करता है तो उसे Bad दिलवा देना और पहले कुछ न कुछ Bad रिजर्व करके रखें इसमें कुछ लोग मरते हैं तो मरे।

इस प्रकार के कुछ बिंदु जो Congress Party ने इस टूल किट में दिए हैं वह इंसानियत को शर्मसार करते हैं।

इस चीज के बारे में अगर हम ध्यान से देखें तो ऐसा हो भी रहा है क्योंकि इस समय ऑक्सीजन सिलेंडर और Remdesivir इंजेक्शन की बहुत बड़ी मात्रा में कालाबाजारी हो रही है और कुछ ऐसे नेताओं की सिफारिश से ही यह मिल रहे हैं इसमें साफ साफ नजर आ रहा है कि कांग्रेस पार्टी बहुत ही गिरी हुई हरकत कर रही है।

आप अगर इसके बारे में ज्यादा जानना चाहते हैं तो यह नीचे दी गई वीडियो को आप देख सकते हैं और इन सभी बिंदुओं को ध्यान से समझ सकते हैं इस वीडियो में आपको देखने को मिलेगा कि Congress किस घटिया स्तर पर गिर चुकी है और उसको अब राजनीति से ज्यादा किसी चीज से प्यार नहीं है।

इस Congress Toolkit में उन्होंने यह भी कहा है कि अगर लोग मरते हैं तो मरे लेकिन उनकी राजनीति जिंदा रहनी चाहिए।

A toolkit allegedly created by Congress has been leaked on social media, creating a big controversy. The toolkit aims to target and attack India and Modi on COVID management and the central vista project and to destroy the central government’s image.

However, what exposed the Congress and the toolkit, was that all points mentioned in the toolkit have been implemented by Congress and its supporters. In this Hindi video, we look at all these points and how they match with Congress’s actions.

BJP says the toolkit is authentic, Congress denies it, while the worst fact-checker in India, alt news, try and completely fails to prove that the toolkit has no relation to Congress.

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(Aligarh Muslim University) AMU Corona Virus

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AMU Corona Virus

कोरोनावायरस का कहर AMU (Aligarh Muslim University) मैं बहुत ही ज्यादा फैल रहा है क्योंकि पिछले ही कुछ दिनों के अंदर Aligarh Muslim University की 26 Professors की मृत्यु कोरोनावायरस की वजह से हो चुकी है यह बहुत ही खतरनाक और दिल दहला देने वाली खबर है।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी कोरोना की Second Wave बहुत ही खतरनाक तरीके से फैल रही है जिसमें Aligarh Muslim University के 26 Professors के साथ साथ कुछ Students की भी मृत्यु हो चुकी है और अभी भी कुछ Professors और Students की स्थिति गंभीर है इसके बारे में बहुत हद तक प्रशासन ने रोकने का प्रयास किया लेकिन अभी तक वह असफल रहे हैं।

Aligarh Muslim University पिछले कुछ समय में रोजे के समय हिंदू विद्यार्थियों को जबरदस्ती खाना न देने के लिए चर्चा में थी लेकिन बाद में यूनिवर्सिटी द्वारा इस पर Rules बनाए गए कि रोजे के समय हिंदू विद्यार्थियों को समय अनुसार खाना मिलेगा।

यह मामला Media और Aligarh Muslim University द्वारा यही दबा दिया गया लेकिन इसके बाद अब Corona Virus के कारण Aligarh Muslim University दोबारा सुर्खियों में आ रही है।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पिछले 20 दिनों के अंदर 26 से भी ज्यादा Professors की मृत्यु हो चुकी है और Professors और स्टूडेंट्स की संख्या को मिला दे तो आंकड़ा कुछ 40 के पार बताया जा रहा है अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी मैं कोरोनावायरस की सेकंड वेव बहुत ही खतरनाक बताई जा रही है इसमें कुछ लोगों के सिम्टम्स कुछ अलग ही प्रकार के हैं इसी कारण यूनिवर्सिटी से कुछ कोरोनावायरस रोगियों के सैंपल टेस्ट करवाने के लिए भेजी गई हैं ताकि जान सके कि यह कोरोनावायरस की है या उसी का कोई बदला हुआ रूप है।

एक बात हमें फिर भी सोचने को मजबूर कर रही है कि Aligarh Muslim University के अंदर ही जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा कॉलेज बना हुआ है फिर भी वहां पर Corona Virus के कारण ऐसे हालात है लेकिन हम आपको एक बात पहले ही बता दें कि हर प्रकार की चिकित्सा सुविधा जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा कॉलेज के अंदर उपलब्ध है और इसमें किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं है।

जैसा कि आपको पता होगा कि 2017 में AMU अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का एक मामला सामने आया था कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हिंदू विद्यार्थियों को सुबह का खाना और दोपहर का खाना नहीं दिया जाता था जब रोजे चल रहे होते थे या यूं कहें कि हिंदू विद्यार्थियों को भी जबरदस्ती रोजे रखे जाते थे इसके बारे में ज्यादा खबर नहीं उड़ी और जल्दी ही यह मामला दबा दिया गया।

हम यह जो Video Attach कर रहे हैं आप यह Video जरूर देखें यह आपको बहुत अच्छी जानकारी देगी

यहां पर ऊपर जो भी जानकारी दी गई है इस वीडियो के माध्यम से और YouTube पर ही दूसरी Videos के माध्यम से ली गई है मैं इस Video को यहां पर Attach कर रहा हूं आप इसे देखकर संपूर्ण जानकारी को प्राप्त कर सकते हैं।

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